#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ💕

★••••••••••••★
उन्होंने कहा,, एक शाम मुझसे……
……आपकी नज़रों से गिरकर,,
….किधर जाऊँगा,,
…जीते जी मर ही जाऊँगा..!!
मेरे अश्रु बोल पड़े,, जवाब उनसे…..
….जिंदगी हो आप मेरी,,
….जो आप नहीं होंगे….
…तो मेरा वजूद ही नहीं होगा…!!
★••••••••••••★
~~~~~~~~~~~~~~
अगला अध्याय:- (( अध्याय-8 ))
रचनाकार [{कवयित्री/कवि }]:- सुनिधि चौहान✍
———-