ऐसा नहीं है कि ,, मैंने रिश्ता तोड़ा है....
सच बस इतना है कि......
एहसास दिलाना छोड़ा है...!!


हाँ ! एहसास
एहसास उन भावनाओं का,,
जो मेरे हृदय में है...तुम्हारे लिए

और छोड़ा है..... जताना
हर वो दर्द......!!!
जो मैने सहा है,, तुम्हारी यादों में जागकर...

रात भर करवट बदलते हुए,
आँसुओं का दामन थामकर।।

हर वो कदम रोका है जो तुम्हें मेरा दर्द बताए,
मेरी खामोशियाँ, मेरी तड़प,,
मेरी सिसकियों की आहट तुम तक पहुँचाए।।

ऐसा नहीं है मैं बदल गयी हूँ....
सच इतना सा है....
अपने अकेलेपन अपनी तन्हाई में खो गयी हूँ.....