#प्रेममयी_प्रेमग्रन्थ
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मैं अपने गीत,गजलों को,, तुम्हारे नाम करती हूँ
तुम्हारा ज़िक्र होगा सिर्फ,,यही एलान करती हूँ
तुम्हारा ज़िक्र होगा सिर्फ,,यही एलान करती हूँ
लिखूँगी नज़्म अब जो भी, तुम्हारे प्रेम की होगी…...
तुम्हारे नाम अब जीवन की,,हर एक साँस करती हूँ
तुम्हारे नाम अब जीवन की,,हर एक साँस करती हूँ
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अगला अध्याय:- ( अध्याय-2 )
रचनाकार [{कवयित्री/कवि }]:- सुनिधि चौहान
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