यदि,, 
    प्रेम ईश्वर का वरदान है तो,

तो विरह.... 

    ईश्वर द्वारा दिया हुआ वो उपहार है
     जिसे प्रेम का प्रतिद्वंदी बनाकर भाग्य में लिखते हैं वो......